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पळसदेव येथील मंदिराचे पुरातत्वीय महत्त्व

प्रास्तविक :  हे पुणे जिल्ह्यात, इंदापूर तालुक्यातील पळसदेव गावाजवळील उजनी धरणाच्या पाण्यात बुडालेले एक प्राचीन मंदिर आहे. हे मंदिर किमान १००० […]

2025, Hindi kavita, कविता, जून, लेख/ आलेख, हिंदी

जड़ों में खोजता पानी और जीवन का स्पंदन~सुरेन्द्र प्रजापति, बोधगया

मैं इन दिनों एक कोमल, हरित तल, नरम, नाजुक मुलायम पर्ण का सहयात्री हूँ । चौंकिए मत; दरअसल बात कर रहा हूँ, मराठी भाषा के चर्चित कवि, लेखक, संजय बोरुडे की; जो हिंदी भाषा के अच्छे जानकार हैं ।

प्रत्यक्षतः उनका हिंदी में पहला कविता संग्रह ‘पर्णसूक्त’ न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन से प्रकाशित होकर आया है । संग्रह की कविताओं से गुजरते हुए मुझे महसूस हुआ कि एक मराठी भाषी संजय बोरुडे साधिकार हिंदी में भी विलक्षण साहित्य रच सकते हैं ।

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